तप, वैराग्य, ध्यान से तपस्या करने पर होगा जीवन सार्थक

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JNI NEWS : 01-09-2016 | By : जेएनआई डेस्क | In : Uncategorized

जैन स्थानक में चातुर्मास व पयूर्षण पर्व का दूसरा दिन
शामली(चौहान)। जैन संत राजेन्द्र मुनि महाराज ने कहा है कि तप, वैराग्य, ध्यान, तपस्या करने से ही हमारा जीवन सार्थक होगा।
जैन मुनि राजेन्द्र महाराज बुधवार को जैन स्थानक में चातुर्मास व पयूर्षण पर्व के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे अंदर आराधना की भावना रहनी चाहिए। जैन धर्म में पयूर्षण पर्व का विशेष महत्व होता है, इसलिए हमें तप, वैराग्य, ध्यान एवं तपस्या करनी चाहिए तभी हमारा जीवन सार्थिक व निर्मल होगा। उन्होंने कहा कि हमें साधुओं के आहार में शुद्धता बरतनी चाहिए। साधु शंका वाली कोई चीज नहीं लेते। भावपूर्वक आहार कराने से मन निर्मल होता है और आत्मा को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि जो संतों का अपमान करता है उसकी दुर्गति होती है, इसलिए साधुओं का कभी अपमान न करो। संत ही राष्ट्र का भविष्य है, संतों के चरण पडने से धरती पवित्र हो जाती है। जब जवानी का नशा चढता है तो व्यक्ति कुछ भी नहीं कर सकता इसलिए जवानी के कदम फूंक-फंूककर रखना चाहिए। इस मौके पर अशोक जैन, विजय जैन, नानकचंद जैन, जेके जैन एडवोकेट, राजीव जैन, पंकज जैन, विपुल जैन, सतीशचंद जैन, शरद जैन, अमोल जैन, सतेन्द्र जैन आदि भी मौजूद रहे।

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