ज्ञान से होती है इंसान की पहचान- अभिप्सा महाराज

0

JNI NEWS : 01-09-2016 | By : जेएनआई डेस्क | In : Uncategorized

कांधला(चौहान)। पर्यूषण पर्व के दुसरे दिन जैन महासाध्वी अभिप्सा महाराज जी ने धर्म सभा को संबाधित करते हुए कहा कि यह पर्व हमारे जीवन में वाशिंग मशीन के समान है। जो हमारी आत्मा पर मेल रूपी कर्मो को, सम्यज्ञ रूपी साबुन, जिनवाणी रूपी पानी से कर्म रूपी कपड़े को लेकर साफ बना देता है। महा साध्वी जी ने कहा कि बन्धुओं इंसान की पहचान उसके ज्ञान से होती है। केवल धनवान बनना कुछ नहीं है। धनवान की पहचान उसके दिए हुए दान से होती है। जो देता है, वहीं आगे पाता है। इतिहास में आज भी दानवीर कर्ण वह भामाशाह सहित अनेक दानवीर महापुरूषों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वस्तु के दान देने से पहचान नहीं उनका सद्उपयोग हो यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। बन्धुओं प्रकृति को देखो मनन करो वृक्ष हमें छाया, फल, नदियां हमें पानी व शीतलता देती है। वें हमसे लेते कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि दरवाजे पर भीख लेने वाला बड़ी मजबूरी में आता है। यदि हमारे पास देने को कुछ नहीं ओर भावना नहीं बनती है। तो उससे मीठे वचन बोलो उसे दुत्कार से भगाना नहीं चाहिए।

इस लेख/समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया लिखें-